सनातन sanatan
सनातन संस्कृति: प्रकृति के साथ सामंजस्य और जीवन जीने की कला – श्याम सारस्वत अध्यात्म और सांस्कृतिक विषयों के विचारक श्याम सारस्वत ने हाल ही में सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण साझा किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म केवल कर्मकांडों का समूह नहीं है, बल्कि यह इस पृथ्वी पर एक मनुष्य के रूप में गरिमापूर्ण और संतुलित जीवन जीने की एक विस्तृत नियमावली है। मानवता और प्रकृति का अटूट संबंध सनातन संस्कृति का मुख्य ध्येय यह सिखाना है कि एक इंसान को पृथ्वी पर किस प्रकार रहना चाहिए। उन्होंने कहा: "सनातन धर्म इस बारे में है कि कैसे एक इंसान के रूप में पृथ्वी पर रहना है और प्रकृति के साथ सद्भाव (Harmony) में रहना है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मनुष्य प्रकृति से अलग नहीं है। जब हम प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर रहते हैं, तभी हम उसके 'ऐश्वर्य' (विभूति और संपदा) का वास्तविक आनंद ले सकते हैं। यह जीवन शैली किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए है जो इस धरा पर जन्म लेता है। योग: आत्म-साक्षात्कार का पहला सोपान इस जीवन...