Right to Privacy निजता का अधिकार
"दोष सिद्ध होने तक हर कोई निर्दोष: मेडिकल गोपनीयता और विचाराधीन आरोपी के अधिकार" निजता का अधिकार और मेडिकल गोपनीयता: अपराधी के संदर्भ में भी एक मौलिक सुरक्षा किसी भी व्यक्ति की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी या मेडिकल रिपोर्ट उसकी निजता का सबसे संवेदनशील हिस्सा होती है। इसे बिना संबंधित व्यक्ति की सहमति के सार्वजनिक करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि यह निजता के अधिकार (Right to Privacy) का गंभीर उल्लंघन भी है। भारतीय कानून और मानवाधिकारों के परिप्रेक्ष्य में यह सुरक्षा हर नागरिक को प्राप्त है, चाहे उसकी सामाजिक या कानूनी स्थिति कुछ भी हो। निजता का संवैधानिक और कानूनी आधार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत, सर्वोच्च न्यायालय ने 'पुट्टस्वामी मामले' में निजता को एक मौलिक अधिकार घोषित किया है। इसके अतिरिक्त: * डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act 2023): यह कानून स्वास्थ्य डेटा को 'संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा' मानता है। इसे बिना अनुमति साझा करना कानूनी दंड का आधार बनता है। * चिकित्सा नैतिकता: डॉक्टर और अस्पताल 'हिप्पोक्रेटिक ओथ' और मेडिकल काउ...