'कार्ड' की भीड़ में घुटती 'आम आदमी' की सांसें!
'कार्ड' की भीड़ में घुटती 'आम आदमी' की सांसें! प्रशासन की संवेदनहीनता या छूट के नाम पर प्रताड़ना? सरकार का योजनाएं घोषित करना, उनके बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर प्रचार करना और अंततः उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जनता को विभिन्न प्रकार के 'कार्ड्स' के चक्रव्यूह में धकेल देना, वर्तमान प्रशासन का एक तय ढर्रा बन चुका है। 'डिजिटलीकरण' और 'पारदर्शिता' के आकर्षक नाम पर आम जनता की जो दुर्गति हो रही है, उसे देखकर सामान्य नागरिकों के मन में यह आक्रोशित सवाल उठ रहा है कि आखिर यह प्रशासन किसके लिए चल रहा है? हाल ही में सामने आई खबर के अनुसार, एसटी महामंडल (महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम) की रियायत का लाभ उठाने के लिए अब यात्रियों के लिए 'एनसीएमसी स्मार्ट कार्ड' (NCMC Smart Card) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि 31 अगस्त तक यह कार्ड नहीं बनवाया गया, तो 1 सितंबर से यात्रियों को 100 प्रतिशत बस किराया देना होगा। महिलाओं को 50 प्रतिशत छूट, वरिष्ठ नागरिकों को 50 प्रतिशत छूट, और 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए मुफ्त यात्रा... ये योज...